रैम प्रहार’ से उड़ी पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मनों की नींद, पढ़ें क्यों खास है ये युद्धाभ्यास

पाकिस्तान की किसी नई हिमाकत की स्थिति में सेना ऑपरेशन सिंदूर के पहले चरण से भी ज़्यादा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार है. हरिद्वार के दुर्गम इलाकों में युद्धाभ्यास ‘राम प्रहार’ के अंतिम दिन पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से दोबारा उकसावे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, ऐसे में ऑपरेशन को फिर से शुरू करने की नौबत भी आ सकती है. यह अभ्यास इसी दृष्टि से किया जा रहा है. लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने यहां तक कहा कि सेना ने नदियां पार कर दुश्मन के इलाके में घुसने और सैन्य ठिकाने पर कब्जा करने का विशेष अभ्यास किया है, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन में सीमा पार चेनाब, रावी और सतलुज जैसी नदियों को पार करना अनिवार्य होगा .उत्तराखंड का हरिद्वार . गंगा नदी का किनारा. झिलमील झील के समीप घने जंगल . करीब 15 हजार जवान . साथ में दुश्मन के घर में घुसकर मार करने वाला वायुसेना का जगुवार लड़ाकू विमान और अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे . सेना का वेस्टर्न कमांड . सैन्य अभ्यास रैम प्रहार .मकसद दुश्मन ने दुस्साहस किया तो मिलेगा ऑपरेशन सिंदूर से भी कठोर जवाब . अंदाजा लगाइए इस सैन्य अभ्यास का क्या लेवल रहा होगा . दुश्मन के अंदर किस तरह खौैफ पैदा हुआ होगा . इसे अब तक सबसे आधुनिक और आक्रमक अभ्यास कहा जा सकता है .

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