के सी त्यागी की ओर से की गई इस मांग को लेकर जेडीयू ने जो प्रतिक्रिया दी , उससे कई सवाल उठ रहे हैं . पार्टी को लगता है कि भारत रत्न देने के नैरेटिव से नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बने रहने पर सवाल उठता है क्योंकि इससे ये संदेश जाता है कि भारत रत्न जैसी उपाधि मिलने के बाद नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा और उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा . हालांकि कुर्सी छोड़ने की कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं है. नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग पहले भी उठी थी , लेकिन अबकी बार इस मांग पर जितनी सियासी प्रतिक्रिया आई है उतनी पहले नहीं आई थी .जेडीयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने शुक्रवार को एनडीटीवी पर इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर नीतीश कुमार को भारत रत्न की उपाधि से नवाजे जाने की मांग की है . उसके बाद शनिवार सुबह सुबह जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने औपचारिक तौर पर इस मांग से किनारा कर लिया और यहां तक कह डाला कि के सी त्यागी पार्टी में हैं या नहीं , उन्हें नहीं मालूम










