पटना नीट छात्रा मौत मामला : SIT के रडार पर अस्पताल, मीडिया की एंट्री पर क्यों बैन, क्या छुपा रहा प्रबंधन?

बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, जिससे पूरे बिहार में आक्रोश है. पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है और गठित SIT ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ा दिया है. जांच के क्रम में SIT की टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची, जहां छात्रा को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था.जांच के घेरे में अब यह अस्पताल भी आ गया है, क्योंकि यहीं छात्रा की स्थिति बिगड़ी थी. आरोपों के मुताबिक, इस अपराध में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है.

SIT की रिपोर्ट में हो सकता है बड़ा खुलासामामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद पप्पू यादव भी देर रात अस्पताल पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की. पुलिस अब हर पहलू, चाहे वह आरोपियों की संलिप्तता हो या अस्पताल की कथित मिलीभगत, की गहराई से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट से इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.विपक्ष ने सरकार को घेराआरजेडी ने सरकार को घेरा छात्रा की मौत पर बिहार की सियासत गरमा गई है. आरजेड नेता मृत्युंजय तिवारी ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘नीलामी सरकार’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि राज्य में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी बिहार सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. आरजेडी का आरोप है कि पटना पुलिस बार-बार अपने बयान बदल रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले की ‘लीपापोती’ कर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here