पटना की NEET छात्रा से रेप और संदिग्ध मौत मामले में अब जांच एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. घटना के करीब 20 दिन बाद पटना पुलिस ने इस केस में POCSO एक्ट जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने का दावा परिवार ने SIT को किया था, जिसके बाद पुलिस की तरफ से यह कदम उठाया गया है. परिजनों ने SIT को छात्रा का आधार कार्ड और मैट्रिक का सर्टिफिकेट सौंपा है, जिनमें उसकी उम्र 18 वर्ष से कम दर्ज है.दस्तावेज़ों की प्राथमिक जांच के बाद SIT ने उसे नाबालिग मानते हुए अब पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने के लिए कोर्ट में अनुमति आवेदन दायर करने की तैयारी कर ली है. कोर्ट से अनुमति मिलते ही यह मामला पॉक्सो की विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया जाएगा. इससे पहले, छात्रा की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे, और अब पॉक्सो एक्ट जुड़ने से केस की दिशा और गंभीर हो जाएगी. नाबालिग पीड़िता के मामलों में जांच, ट्रायल और सजा तीनों स्तरों पर कानून बेहद कठोर होता है. इस बीच SIT की जांच भी तेज हो गई है. सोमवार देर रात SIT और फोरेंसिक टीम जहानाबाद जिले के पतियावां गांव पहुंची, जहां पीड़िता का पैतृक घर है. टीम ने पीड़िता की मां, पिता, भाई और दो मामाओं के ब्लड सैंपल लिए हैं. कुल पांच सैंपल फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगे, जिससे छात्रा की मौत के कारणों और घटना की प्रकृति की पुष्टि में मदद मिल सकेगी.एसआईटी कर रही है जांचगौरतलब है कि SIT अब तक पांच बार पीड़िता के गांव जाकर परिवार से पूछताछ कर चुकी है. हर चरण में नए तथ्य सामने आते जा रहे हैं. पुलिस सूत्रों का कहना है कि DNA मैचिंग और अन्य सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब स्पष्ट हो सकते हैं. यह मामला शुरू से ही संवेदनशील रहा है पहले संदिग्ध मौत










