“प्रियंका गांधी जी आप कहां हैं? देश को जवाब दीजिए” बिहार की पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा- उनका खून खौल रहा है

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। जमुई की भाजपा विधायक और बिहार की पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मीडिया के सामने उस समय आक्रोशित हो गईं, जब उन्होंने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्रेयसी सिंह ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि उनका खून गुस्से से खौल रहा है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव द्वारा दिए गए बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिस पर चुप रहना ठीक नहीं है।

पप्पू यादव के बयान पर बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पप्पू यादव ने एक बयान में कहा था कि भारत में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इसके लिए “सिस्टम और समाज दोनों जिम्मेदार हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी टिप्पणी की थी और कहा था कि कई बार महिलाओं को राजनीति में आने के लिए गलत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनके इसी बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है।

श्रेयसी सिंह का तीखा पलटवार

श्रेयसी सिंह ने पप्पू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी पत्नी वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और इससे पहले लोकसभा में भी रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी एक चर्चित और सक्रिय राजनीतिक चेहरा रही हैं और कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी दिन पप्पू यादव की बेटी किसी पेशेवर क्षेत्र में जाती हैं, तो क्या वे उसी तरह की टिप्पणी उस क्षेत्र को लेकर भी करेंगे?

श्रेयसी सिंह ने कहा कि इस तरह की सोच समाज के लिए बेहद खतरनाक है और यह महिलाओं के प्रति नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है।

“कौरव जैसी सोच” कहकर किया हमला

भाजपा विधायक यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने पप्पू यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस तरह की सोच “कौरव जैसी मानसिकता” को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विचार महिलाओं का अपमान करने वाला और दुष्ट सोच से प्रेरित है।

श्रेयसी सिंह ने मांग की कि पप्पू यादव को देश की सभी महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि यह महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जुड़ा मुद्दा है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी सवाल

श्रेयसी सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मामले में चुप क्यों हैं।

इसके साथ ही उन्होंने सीधे प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए पूछा—“प्रियंका गांधी जी आप कहां हैं? आप क्यों चुप हैं, जब आप खुद एक महिला हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे पप्पू यादव के बयान का समर्थन करती हैं या विरोध करती हैं। श्रेयसी सिंह ने इसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

इस पूरे मामले पर बिहार राज्य महिला आयोग ने भी सख्ती दिखाई है। आयोग ने पप्पू यादव के बयान का स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है।

आयोग ने उनसे पूछा है कि उन्होंने यह बयान किन परिस्थितियों में दिया और इसका आधार क्या था। साथ ही यह भी सवाल किया गया है कि उनके बयान को महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ क्यों न माना जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा तनाव

इस मामले ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां पप्पू यादव के बयान को सामाजिक संदर्भ में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़कर गंभीर आपत्ति जताई जा रही है।

श्रेयसी सिंह के तीखे बयान के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पप्पू यादव इस विवाद पर क्या जवाब देते हैं और महिला आयोग की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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