शुक्रवार (25 अप्रैल, 2026) का दिन आम आदमी पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था क्योंकि पार्टी के संस्थापक सदस्य और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत आप के कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया।
बीजेपी में विलय करने वाले सांसदों में पंजाब के आम आदमी पार्टी के कोटे से 6 सांसद- राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और हरभजन सिंह तो वहीं दिल्ली आप के कोटे से सांसद स्वाति मालीवाल शामिल हैं।
पंजाब से आम आदमी पार्टी के कुल 7 राज्यसभा सांसद है, जिसमें से 6 ने पार्टी छोड़ दी है। आखिर कौन है वो एक सांसद, जिसने इतने बुरे वक्त में भी अरविंद केजरीवाल का साथ नहीं छोड़ा है, आइए उसके बारे में जानते हैं।
सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने नहीं किया विलय
पंजाब में आम आदमी पार्टी के कुल सात सांसद- राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह और संत बलबीर सिंह सीचेवाल हैं। शुक्रवार को आप के 6 सांसदों ने आप का दामन छोड़कर बीजेपी में विलय कर लिया। इस बड़े राजनीतिक फेरबदल में सबसे बड़ा योगदान राघव चड्ढा का है। हाल ही में आप ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया था, जिसके बाद से राघव चड्ढा लगातार इन सांसदों से संपर्क साध रहे थे। चड्ढा ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल को छोड़कर सभी को अपने पक्ष में कर लिया।
त्रों की माने तो राघव ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल को भी ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने अरविंद केजरीवाल का साथ छोड़ने से साफ-साफ इनकार कर दिया। जिसके बाद अब आप के कार्यकर्ता उनकी तारीफों के पुल बांध कर रहे हैं। आप के समर्थक और कार्यकर्ताओं का कहना है कि वफादारी कैसे निभाई जाती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल हैं।
सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर संत सीचेवाल को लेकर चर्चा देखने को मिल रही है। सीचेवाल को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स की तरह-तरह की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी के सबसे बुरे दौर में भी पार्टी के साथ बने रहने के लिए कई सोशल मीडिया यूजर्स उनकी तारीफ कर रहे हैं।
कौन हैं संत बलबीर सिंह सीचेवाल?
संत बलबीर सिंह सीचेवाल का जन्म पंजाब के कपूरथला जिले के सीचेवाल गांव में दो फरवरी 1962 को हुआ था। संत सीचेवाल 1981 में कॉलेज छोड़ने के बाद से ही समाज सेवा में जुट गए। उनके गांव के रास्ते ऊबड़-खाबड़ थे।
उन्होंने खुद फावड़ा लेकर रास्तों को समतल बनाना शुरू किया। राज्यसभा सांसद को पर्यावरण को साफ रखने के लिए किए गए संघर्ष के लिए टाइम पत्रिका ने वर्ष 2008 में दुनिया के 30 पर्यावरण नायकों की सूची में शामिल किया था। वहीं, भारत सरकार ने उन्हें जनवरी 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि आप संत सीचेवाल को राज्यसभा भेज रही है। इसके बाद, मई 2022 में आप ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया और वे निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए। उन्होंने 4 जुलाई 2022 से राज्यसभा में अपना कार्यकाल शुरू किया, जो कि 5 जुलाई 2028 तक चलेगा।










