वाराणसी में पीएम मोदी बोले- शॉर्टकट से देश का भला नहीं होता, हां कुछ नेताओं का हो सकता है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1700 करोड़ से ज्यादा की सौगात दी। सिगरा स्टेडियम से उन्होंने 43 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले अक्षय पात्र रसोई का उद्घाटन और नई शिक्षा नीति पर आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम का शुभारंभ किया। सिगरा स्पोर्टस स्टेडियम में जनसभा की शुरुआत पीएम मोदी ने हर-हर महादेव के उद्गोष के बाद भोजपुरी में की।

    सात वार और नौ त्योहार का जिक्र कर काशी की जनता का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि काशी की आत्मा अविनाशी है, लेकिन काया में निरंतर नवीनता लाने के लिए हम जी-जान से प्रयास कर रहे हैं। हमारा प्रयास काशी को और ज्यादा गतिशील, प्रगतिशील और संवेदनशील बनाने का है। पीएम मोदी ने कहा कि काशी के जागरूक नागरिकों ने जिस तरह देश को दिशा देने वाला काम किया है, उसे देखकर मैं आनंदित हूं।

    काशी के नागरिकों ने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि शॉर्टकट से देश का भला नहीं हो सकता। हां कुछ नेताओं का हो सकता है। लेकिन न जनता का भला होता है और न ही देश का भला होता है। आज हम देख रहे हैं कि जब दुरगामी प्लानिंग होती है तो किस तरह नतीजे भी निकलते हैं। पिछले 8 वर्षों में काशी का इंफ्रास्ट्रक्चर कहां से कहां पहुंच गया है। इससे किसान, मजदूर, व्यापारी सभी को लाभ हो रहा है। व्यापार बढ़ रहा है, कारोबार बढ़ रहा है, पर्यटन में विस्तार हो रहा है।

    काशी ने पूरे देश को दिखाई विरासत और विकास की तस्वीर

    इससे पहले संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के लोगों ने और मेरी काशी के लोगों ने जो समर्थन दिया, उमंग और उत्साह के साथ मेरा जो साथ दिया। इसलिए मैं आज जब चुनाव के बाद पहली बार आपके बीच आया हूं तो आदरपूर्वक काशीवासियों का, उत्तर प्रदेश के वासियों के धन्यवाद करता हूं।

    दिव्य, भव्य, नव्य काशी में पिछले 8 वर्षों से विकास का जो उत्सव चल रहा है आज उसको हम एक बार फिर गति दे रहे हैं। काशी हमेशा से जीवंत निरंतर प्रवाहमान रही है। अब काशी ने एक तस्वीर पूरे देश को दिखाई है जिसमें विरासत भी है और विकास भी है। काशी में एक प्रोजेक्ट खत्म होता है, तो चार नए प्रोजेक्ट शुरू हो जाते हैं। आज भी काशी में 1,700 करोड़ रुपये के दर्जनों प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।

    2014 से पहले लोग कहते थे, कैसे होगा

    काशी में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और सुंदरीकरण से जुड़ी परियोजनाएं पूरी हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे याद है 2014 में आने के बाद काशी में बाहर से आने वाले लोग सवाल करते थे कि यहां इतना ज्यादा अव्यवस्थित है ठीक कैसे होगा। बनारस में जहां नजर डालों, बदलाव की जरूरत नजर आती थी। साफ लगता था कि बनारस के विकास में दशकों से कोई काम हुआ ही नहीं। लोगों को यह दे दो, वह दे दो…इससे ज्यादा उसकी सोच आगे जाती ही नहीं थी। लोग यही सोचते थे कि कौन इतनी मेहनत करे। लेकिन आज यहां के विकास को दुनिया देख रही है।

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