बरेली में अशरफ की बहन आयशा को बयानबाजी भारी पड़ गई। साथ ही शूटर गुड्डू मुस्लिम को शरण देना भी भारी पड़ गया। अब पुलिस आयशा और डॉ. अखलाक की सीडीआर निकलवा रही है।
मेरठ में रहने वाली अतीक अहमद और अशरफ की बहन आयशा नूरी के परिवार पर एसटीएफ का शिकंजा कस गया है। तीन दिन पहले आयशा ने बरेली में अशरफ की जान को खतरा बताते हुए बयान दिया था। अतीक अहमद को साबरमती जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था तो भी वह साए की तरह काफिले के पीछे चल रही थी।
इसके बाद मेरठ में उसके पति डॉ. अखलाक को गिरफ्तार कर लिया गया। आयशा के परिवार पर शूटर गुड्डू मुस्लिम को शरण देने का आरोप है। आयशा ने प्रयागराज में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश सरकार के एक मंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
अब सीसीटीवी फुटेज मिलने पर प्रयागराज पुलिस आयशा और डॉ. अखलाक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवा रही है। पुलिस को शक है कि उमेश पाल की हत्या में शामिल शूटरों के अलावा अतीक के बेटे ने भी फरारी के दौरान कुछ दिन मेरठ में अपने फूफा के यहां शरण ली थी।
एसटीएफ को आशंका है कि अतीक अहमद और अशरफ जेल में रहकर अपनी बहन और बहनोई से फोन पर बात करते थे। सीडीआर मिलने पर आयशा नूरी पर भी शिकंजा कस सकता है। पहले भी अतीक के बेटे और गुर्गे मेरठ में शरण लेते रहे हैं। चार साथियों के साथ बरेली जेल के गेट पर डटे वकील विजय मिश्रा ने कहा कि सवा महीने से पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, आयशा के बयान के बाद ही डॉ. अखलाक को गिरफ्तार किया गया। सब चीजें आपस में जुड़ी हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्याकांड के बाद माफिया अतीक का बेटा भी दो साथियों के साथ घर पर आया था। पुलिस को उसकी भनक भी लग गई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उमेश पाल हत्याकांड के मामले में फिलहाल अतीक का बेटा असद, गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान और मोहम्मद गुलाम फरार हैं। जिन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है।










