पाकिस्तान के सिंध प्रांत से रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. बदिन जिले की तहसील तलहार के गांव ‘पीरू लाशारी’ में एक प्रभावशाली सामंत (वडेरे) ने मामूली विवाद में एक गरीब हिंदू कृषि मजदूर कैलाश कोल्ही की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना ने न केवल सिंध के हिंदू समुदाय को झकझोर दिया, बल्कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर वैश्विक स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं.विवाद की वजह: सिर छिपाने की एक झोपड़ीजानकारी के अनुसार, कैलाश कोल्ही स्थानीय जमींदार सरफराज निज़ामानी के खेत में मजदूरी करता था. उसने अपने परिवार के रहने के लिए खेत में एक कच्ची और अस्थायी झोपड़ी (झुग्गी) बना रखी थी. जमींदार निज़ामानी को यह मंजूर नहीं था. इसी बात पर हुए विवाद के दौरान, निज़ामानी ने कथित तौर पर अपनी बंदूक निकाली और बेबस कैलाश पर सीधी फायरिंग कर दी. इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जिससे उसका परिवार पूरी तरह बिखर गया है.सड़कों पर उतरा जन-सैलाब, लगे ‘जय श्री राम’ के नारेइस जघन्य हत्याकांड के विरोध में पूरा बदिन शहर सड़कों पर उतर आया. हजारों की संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने हाथ में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास और गूंजने वाली बात रही ‘जय श्री राम’ के नारे. प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि अब वे अन्याय को चुपचाप सहन नहीं करेंगे.










