ठाणे महापालिका चुनाव के नतीजे तो आ गए, लेकिन असली दंगल अब शुरू हुआ है! कहने को तो महायुति में सब ‘ऑल इज वेल’ है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में अब बीजेपी ने मेयर पद पर अपना दावा ठोक दिया है. बीजेपी विधायक निरंजन डावखरे के एक बयान ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. उन्होंने साफ कह दिया है कि अगर बीजेपी को महापौर पद नहीं मिला, तो वो विपक्ष में बैठने से भी गुरेज नहीं करेंगे. तो क्या शिंदे के किले में बीजेपी सेंध लगाने की तैयारी में है?शिवसेना बड़े भाई की भूमिका मेंठाणे महापालिका चुनाव में शिवसेना 75 सीटों के साथ बड़े भाई की भूमिका में तो है, लेकिन 28 सीटें जीतने वाली बीजेपी अब पीछे हटने को तैयार नहीं है. बीजेपी का तर्क है कि उनका स्ट्राइक रेट शानदार रहा है और अब वक्त है कि ठाणे की कमान उनके हाथ में हो.बीजेपी का दावाबीजेपी विधायक निरंजन ने कहा, “ठाणे में बीजेपी का 100% स्ट्राइक रेट है. हमने गठबंधन के लिए अपनी सीटों का त्याग किया था. अब जनता को दिया वादा निभाने का वक्त है. हमें कम से कम दो साल के लिए महापौर पद चाहिए, वरना हम सत्ता के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे.”शिेंदे की मुसीबतडावखरे के इस तेवर ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर दबाव बढ़ा दिया है. एक तरफ मुंबई में शिवसेना अपना महापौर बैठाने के लिए जोर लगा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ उनके अपने घर यानी ठाणे में बीजेपी ने चुनौती खड़ी कर दी है. हालांकि, शिवसेना इस तनाव को भांपते हुए फूंक-फूंक कर कदम रख रही है.










