एप्स्टीन फाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तथाकथित जिक्र की बात को पूरी तरह खारिज करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इसमें कहा गया है, “हमने तथाकथित एपस्टीन फाइलों से एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट देखी है, जिसमें प्रधानमंत्री और उनकी इजरायल यात्रा का जिक्र है. जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजरायल की आधिकारिक यात्रा के अलावा, ईमेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से अधिक कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर देना चाहिए.”भारतीय विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया एप्स्टीन से जुड़े अमेरिकी न्याय विभाग की जांच फाइलों के नए सेट के सामने आने के कुछ घंटों बाद आई है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इजरायल का दौरा किया था. यह 1992 में इजरायल के साथ राजनयिक संबंध के स्थापित होने के बाद भारत के किसी भी प्रधानमंत्री का पहला इजरायल दौरा था.










