राहुल गांधी इतने हिंसक हो गए, पता नहीं उनका इरादा क्या था: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने बताया उस दिन क्या हुआ

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को उनके लिये “गद्दार” शब्द का इस्तेमाल करने पर राहुल गांधी की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह अपना आपा खोकर उनकी ओर आ रहे थे. केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री ने उनके साथ खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं की भी सराहना की.राहुल-बिट्टू की जंगबिट्टू बुधवार सुबह जब संसद में प्रवेश कर रहे थे, तो गांधी ने उन्हें “गद्दार” कहा, जिसके जवाब में मंत्री ने “देश के दुश्मन” का तंज कसा. यह घटना संसद के मकर द्वार के ठीक बाहर हुई, जहां गांधी सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे निलंबित कांग्रेस सांसदों के साथ एकजुटता में खड़े थे. इन सांसदों में से ज्यादातर पंजाब से थे. मकर द्वार मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां से सांसद नए संसद भवन में प्रवेश करते हैं.अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को बीच में नहीं छोड़ा, उन्होंने कांग्रेस सांसद के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया और उसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए. गांधी के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए बिट्टू ने कहा, “उनके (गांधी के) अंदर का गुब्बारा फूट गया. बहुत बड़े परिवार के व्यक्ति, देखिए क्या कह रहे थे.”बिट्टू ने कहा, और वह हाथ मिलाने की पेशकश कर रहे थे, यह सोचकर कि वह एक ‘शहंशाह’ हैं.यह पूछे जाने पर कि क्या गांधी ने उन पर हमला करके अपना कद कम किया है, बिट्टू ने कहा, “आप यह कह सकते हैं.” उन्होंने कहा, “राजनीति में हम विचारधारा की बात करते हैं लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं करते.” एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने आरोप लगाया कि जब वह संसद जा रहे थे तो गांधी आपा खोकर उनकी ओर आ रहे थे. उनका एक हाथ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और दूसरा हाथ गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर रंधावा ने पकड़ रखा था.

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