केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि केस में बुधवार को सुनवाई हुई।
परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से राहुल गांधी के वॉइस सैम्पल का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराने के लिए दी गई अर्जी पर उनके वकील संतोष पांडेय ने दलीलें पेश की। इसका राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ल ने विरोध किया। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनवाई के बाद आदेश के लिए दो मई की तिथि तय की है।
राहुल गांधी पर वर्ष 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बेंगलुरू में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए हत्यारा कहने का आरोप है।
राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन व भाजपा नेता विजय मिश्र ने मानहानि का परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए अदालत में तलब किया था। 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में हाजिर होकर अपनी जमानत कराई थी और 20 फरवरी 2026 को उनका बयान कोर्ट में दर्ज किया गया था।










