बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में हिंसा… भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी तोड़ी, नदिया में भी मारपीट की घटना

बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोडफ़ोड़ की खबरें सामने आईं। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई स्थानों से हिंसा और तोडफ़ोड़ की शिकायतें मिली हैं।

भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया कि नदिया जिले के चापड़ा में बूथ संख्या 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने हमला किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति की पहचान मुशर्रफ मीर के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने कहा कि यह घटना मतदान का अभ्यास (माक पोल) शुरू होने के बाद हुई। उन्होंने कहा कि तृणमूल समर्थकों ने भाजपा एजेंट को रोका और उसके सिर पर वार किया, जिससे वह घायल हो गया।

नदिया के चापड़ा में भाजपा एजेंट पर हमला

इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि तृणमूल ने आरोपों से इनकार किया है। घायल व्यक्ति ने बताया कि 15-16 तृणमूल समर्थक उसकी ओर दौड़े, जिनमें एक व्यक्ति के पास बंदूक थी। उसने कहा कि उस पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा। नदिया जिले के चापड़ा में भाजपा के एक एजेंट का सिर फोड़ दिया गया। जिले के शांतिपुर में भाजपा के कैंप में तोडफ़ोड़ की गई।

पुलिस ने बताया कि शांतिपुर में वार्ड संख्या 16 स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय में बुधवार सुबह तोडफ़ोड़ की गई। वहां फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। उत्तर 24 परगना के नोआपाड़ा में तृणमूल समर्थकों के साथ मारपीट की घटना घटी है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह के समर्थकों ने उन पर हमला किया है।

उत्तर 24 परगना जिले के पानिहाटी से भाजपा प्रत्याशी, जो आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई महिला डाक्टर की मां है, को घेरकर कुछ लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई।

दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती में भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी में तोडफ़ोड़ की गई। निमतला के बूथ संख्या 140 पर मतदान में देरी हुई, जहां सुबह 7:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ था। इससे मतदाताओं में नाराजगी और तनाव देखा गया।

फलता में गश्त करते नजर आए आइपीएस अजयपाल शर्मा

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजयपाल शर्मा सुबह से दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में काफिले के साथ गश्त करते नजर आए। डायमंड हार्बर और फलता में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकडियां भी तैनात की गई हैं।

इस बीच, पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है।

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