पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने से पहले बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा नियुक्त रिटायर्ड अधिकारियों को अब सरकारी दफ्तरों में आने से रोक दिया गया है। यह निर्देश नई भाजपा सरकार के गठन से पहले जारी किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जो रिटायर्ड अफसर अब तक अलग-अलग विभागों में काम कर रहे थे, उन्हें आज से ऑफिस नहीं आने के लिए कहा गया है। यह आदेश तब तक लागू रहेगा, जब तक नई सरकार का गठन नहीं हो जाता।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने लोक भवन से सभी विभागों के सचिवों तक पहुंचाया। विभागों के अंदर भी इसे मौखिक रूप से लागू किया गया है।
कई अधिकारियों ने दिए इस्तीफे
सूत्रों का कहना है कि कई रिटायर्ड अधिकारी, जो अलग-अलग विभागों में सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे, उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया है और सरकारी आवास भी खाली कर दिया है।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं। खास तौर पर जरूरी फाइलों को सुरक्षित रखने और उन्हें विभाग से बाहर न जाने देने को कहा गया है।
भाजपा की जीत के बाद बदलता माहौल
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की है। वहीं 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
ममता बनर्जी भी अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार गईं, जहां भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,105 वोटों से हराया। अब 9 मई को बंगाल में भाजपा की पहली सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही है।
