इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कानपुर नगर के संपत्ति विवाद में संबंधित अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकलपीठ ने कहा कि यदि खरीदार अनुबंध के पालन के लिए लगातार तैयार और इच्छुक रहा है तो विक्रेता या उसके वारिसों को रजिस्ट्री करनी होगी।
मामला सर्वोदय नगर, काकादेव स्थित एक भूखंड के 2012 के बिक्री समझौते से जुड़ा है, जिसमें शिवानी हास्पिटल प्राइवेट लिमिटेड ने 5.25 करोड़ रुपये में सौदा किया था और 2.41 करोड़ रुपये पहले ही चुका दिए थे।
कोर्ट ने पाया कि अस्पताल ने शेष राशि जमा कर अपनी वित्तीय क्षमता और तत्परता साबित की, जबकि विक्रेता की बेटियां अनुबंध निभाने में असफल रहीं। अनुचित प्रभाव और कम कीमत जैसे आरोपों को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने आदेश दिया कि प्रतिवादी एक महीने के भीतर शेष राशि लेकर संपत्ति की सेल डीड निष्पादित करें, अन्यथा अस्पताल को डिक्री लागू कराने का अधिकार होगा।










