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नासिक TCS कांड: ‘मीडिया ट्रायल हो रहा है’, निदा खान के बचाव में उतरे ओवैसी

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और मतांतरण के दबाव के मामले में मुख्य आरोपित निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब राजनीति गरमा गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शनिवार को खुलकर निदा खान के समर्थन में उतर आए।

ओवैसी ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘मीडिया ट्रायल’ करार देते हुए कहा कि निदा खान को केवल उनके पहनावे और धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

‘निदा खान निर्दोष’- ओवैसी

मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने दावा किया कि निदा खान निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए आरोप अदालत में टिक नहीं पाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या घर में बुर्का या धार्मिक किताबें रखना अपराध है ? ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि टीसीएस के आधिकारिक बयान के अनुसार निदा कभी भी एचआर विभाग में नहीं थी, जैसा कि मीडिया के एक वर्ग द्वारा दावा किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिक्षित मुस्लिम युवाओं को परेशान करने की एक साजिश है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि निदा खान फरारी के दौरान एआईएमआईएम के नगरसेवक मतीन पटेल के घर छिपी हुई थी।

नासिक पुलिस ने शुरू की जांच

नासिक पुलिस ने मतीन पटेल के खिलाफ आरोपी को पनाह देने के आरोप में मामला दर्ज किया है। मतीन पटेल पर कुछ महिलाओं के अश्लील वीडियो निकालकर उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप भी लग रहा है। पुलिस ने इस मामले में भी उनकी जांच शुरू कर दी है।

इसके अलावा, महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने पूर्व सांसद इम्तियाज जलील पर भी निदा खान को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए एसआईटी (एसआईटी) जांच की मांग की है।

तब तक दोषी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कोर्ट न बोले

जबकि पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल निदा खान के कानूनी अधिकारों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया निदा को ‘देश की सबसे बड़ी आतंकवादी’ के रूप में पेश कर रहा है। जलील ने जोर देकर कहा कि किसी भी व्यक्ति को तब तक दोषी नहीं माना जाना चाहिए जब तक अदालत फैसला न सुना दे।

बता दें कि नासिक के टीसीएस बीपीओ यूनिट में कार्यरत महिला कर्मचारियों ने वरिष्ठ सहयोगियों पर यौन शोषण और जबरन इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इस मामले में निदा खान सहित आठ लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में नौ एफआईआर दर्ज किए हैं। वर्तमान में निदा खान 11 मई तक पुलिस हिरासत में है।

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