आखिर क्यों नीदरलैंड्स के Afsluitdijk बांध पर गए पीएम मोदी, क्या भारत भी अपनाएगा डच मॉडल?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड्स की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान Afsluitdijk बांध पर गए। ये बांध भारत के लिए कम चर्चित लेकिन रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है।

नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ, PM मोदी ने उस विशाल बैरियर बांध का दौरा किया, जिसने दशकों से नीदरलैंड्स को बाढ़ से बचा रखा है। इस बांध से ही नीदरलैंड्स को ताजे पानी के भंडारण, अंतर्देशीय जलमार्गों और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के प्रबंधन में भी मदद मिलती है।

क्यों Afsluitdijk बांध पर गए पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल प्रतीकात्मक नहीं थी। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, Afsluitdijk परियोजना का गुजरात की महत्वाकांक्षी ‘कल्पसर परियोजना’ से सीधा संबंध है। यह खंभात की खाड़ी के पार एक प्रस्तावित विशाल ताजे पानी का जलाशय और बांध प्रणाली है, जिस पर दशकों से अध्ययन चल रहा है।

पीएम मोदी ने इस बांध की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए जल इंजीनियरिंग में नीदरलैंड्स की विशेषज्ञता के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ‘एक ऐसा क्षेत्र जिसमें नीदरलैंड्स ने अग्रणी काम किया है, वह है जल प्रबंधन। पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय इससे बहुत कुछ सीख सकता है। आज सुबह मुझे Afsluitdijk का दौरा करने और इस परियोजना की मुख्य विशेषताओं के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।’

पीएम मोदी ने आगे लिखा, ‘मैं प्रधानमंत्री रॉब जेटेन का आभारी हूं कि वे यहां मेरे साथ आए। हम भारत में आधुनिक तकनीक लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसे सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के विस्तार में सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।’

इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और नवाचार का एक प्रतीक

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस यात्रा को जलवायु लचीलापन, जल प्रौद्योगिकी और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड्स के बीच गहरे सहयोग के अवसर के रूप में बताया।

रणधीर जायसवाल ने बताया, ‘इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और नवाचार का एक प्रतीक! नीदरलैंड्स के PM रॉब जेटेन के साथ, पीएम नरेंद्र मोदी ने मशहूर Afsluitdijk बांध का दौरा किया, जो जल प्रबंधन, बाढ़ सुरक्षा और ताजे पानी के भंडारण में नीदरलैंड्स की उत्कृष्टता का प्रतीक है।’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से बताया गया, ‘इस यात्रा ने गुजरात में भारत की कल्पसर परियोजना के लिए नीदरलैंड्स की विशेषज्ञता की प्रासंगिकता को उजागर किया, जिसका उद्देश्य खंभात की खाड़ी के पास एक ताजे पानी का जलाशय और बांध बनाना है।’

Afsluitdijk क्या है?

Afsluitdijk नीदरलैंड्स की सबसे प्रसिद्ध इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है और पानी के खिलाफ देश की सदियों पुरानी लड़ाई का एक केंद्रीय स्तंभ है।

इसे करीब 80 साल पहले बनाया गया था। ये 32 किलोमीटर लंबा यह बैरियर डैम उत्तरी सागर को IJsselmeer मीठे पानी की झील से अलग करता है और नीदरलैंड्स के निचले इलाकों के बड़े हिस्से को भयंकर बाढ़ से बचाता है।

यह ढांचा आर्थिक और पर्यावरणीय काम भी करता है, जिसमें मीठे पानी का भंडारण, जहाजरानी, परिवहन संपर्क और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन शामिल हैं।

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