चाचा-भतीजे की मौत पर क्लेम देने से मुकर गई बीमा कंपनी, MACT के आदेश से घरवालों को मिले 33 लाख रुपये

मार्ग दुर्घटना में चाचा-भतीजे की मौत पर अयोध्या के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बीमा कंपनी को 33 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। दोनों केस में स्वजन को 22 लाख 56 हजार 800 रुपये क्षतिपूर्ति तथा इसपर छह वर्ष का ब्याज लगभग नौ लाख 47 हजार 857 रुपये भुगतान होगा।

यह है पूरा मामला

जहांगीरगंज के ऊंचेगांव के बढ़ई मनोज एवं पेंटर अभिषेक बाइक से आलापुर में ढोलबजवा से घर लौट रहे थे। रास्ते में कटघर पेट्रोलपंप के पास बावली चौक की ओर से आए ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी थी। इससे दोनों की मौत हो गई थी।

दुर्घटना 19 जनवरी 2020 की रात तब हुई थी, जब चाचा (मनोज कुमार) एवं भतीजा (अभिषेक) गांव के गुड्डू को डाक्टर को दिखाकर वापस घर लौट रहे थे। गुड्डू घायल हो गए थे। इस का मुकदमा जहांगरीगंज थाने में दर्ज कराने के साथ ही 29 जून 2020 को पीड़ित स्वजन ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में याचिका दायर की।

सुनवाई के दौरान ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने दावा किया कि दुर्घटना की तिथि में ट्रक का बीमा समाप्त हो गया था। पंजीयन, परमिट, फिटनेस तथा रोड टैक्स भी अद्यतन नहीं था। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। ऐसे में बीमा कंपनी ने क्षतिपूर्ति से पल्ला झाड़ लिया।

प्रयागराज के महमदपुर नवगांव सौरांव के वाहन स्वामी सलामतउल्ला तथा मरखामऊ के मऊ आइमा के ट्रक चालक मोहम्मद ताजउद्दीन ने बताया कि उक्त ट्रक खराब होने के कारण चार दिन से वहां खड़ा था। बाइक सवार पीछे से ट्रक में घुस गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

वहीं, वाहन का बीमा 20 मई 2020 तक तथा चालक का लाइसेंस एक जनवरी 2022 तक वैध होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। बीमा कंपनी और वाहन स्वामी व चालक के अधिवक्ता ने विरोधाभाषी तथ्य प्रस्तुत किए। वादी के अधिवक्ता अमर बहादुर सिंह ने स्थलीय नक्शे व गवाहों के साथ दुर्घटना होने का ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किया।

वादी की दलील को सुनने के बाद अधिकरण ने बीमा कंपनी को पीड़ित परिवारों को क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। मनोज कुमार के केस में 12 लाख 69 हजार 600 रुपये दिए जाने का आदेश किया है। इसमें वृद्ध पिता रघुनाथ तथा मां धनपता को एक-एक लाख तथा पत्नी कंचन को 10 लाख 69 हजार 600 रुपये मिलेगा।

वहीं, अभिषेक के केस में नौ लाख 77 हजार 200 रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश हुआ है। इसमें बहन आकांक्षा और भाई विशाल गौतम को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तथा पिता कमलेश व मां उर्मिला को शेष छह लाख 77 हजार 200 रुपये की धनराशि आधी-आधी मिलेगी।

अधिवक्ता ने बताया कि अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रविकांत तृतीय ने दोनों मामलों में ब्याज सहित संपूर्ण भुगतान 60 दिनों में करने को कहा है। उक्त धनराशि पर वर्ष 2020 से अभी तक सात प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना होगा।

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