लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पांच सवाल किए. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उनके सवालों का जवाब दिया. साथ ही ईसीआई फैक्ट चेक ने राहुल गांधी के बयान को भ्रामक बताया. चुनाव आयोग फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट उपलब्ध कराने की कांग्रेस की याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने ‘कमलनाथ बनाम चुनाव आयोग, 2019’ में खारिज कर दिया था. कोई भी पीड़ित उम्मीदवार 45 दिनों के भीतर संबंधित हाई कोर्ट में अपने निर्वाचन को चुनौती देने के लिए चुनाव याचिका (ईपी) दायर कर सकता है.ईसीआई ने कहा कि अगर ईपी दायर की जाती है तो सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाती है. अन्यथा, इसका कोई उद्देश्य नहीं है, जब तक कि कोई मतदाता की गोपनीयता भंग करने का इरादा न रखता हो. उदाहरण के लिए, 1 लाख मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में 1 लाख दिन लगेंगे, यानी लगभग 273 साल, और इसका कोई कानूनी नतीजा निकलना संभव नहीं है.










