अमेरिका के जॉर्जिया से आई ये खबर दिल और दिमाग दोनों को झकझोर देती है. अटलांटा की रहने वाली 31 साल की एड्रियाना स्मिथ फरवरी 2025 में नौ हफ्ते की गर्भवती थीं, तभी उन्हें अचानक मेडिकल इमरजेंसी हुई, अचानक उन्हें एक दिन तेज सिरदर्द हुआ. अस्पताल से दवा लेकर लौटीं, लेकिन अगली सुबह उनकी सांसें उखड़ने लगीं. सीटी स्कैन में दिमाग में खून के थक्के निकले. सर्जरी नाकाम रही और डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया, यानी दिमाग पूरी तरह काम करना बंद कर चुका था. आम हालात में यहीं इलाज खत्म हो जाता, लेकिन यहां कहानी ने अलग मोड ले लिया.कानून ने परिवार के हाथ बांध दिए (Adriana Smith case)आम हालात में ब्रेन डेड मरीज को लाइफ सपोर्ट से हटाया जा सकता है, लेकिन जॉर्जिया का सख्त abortion law यहां बीच में आ गया. जॉर्जिया में heartbeat law लागू है. इस कानून के मुताबिक अगर गर्भ में दिल की धडकन मिल जाए, तो गर्भपात नहीं हो सकता.










