शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरी हरियाणा की अल-फलह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा साकेत कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट की एक्सक्लूसिव जानकारी NDTV के हाथ लगी है. इस चार्जशीट में यूनिवर्सिटी और अल-फलह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए गए एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. ED ने इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को बताया है, जो फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है. ED की चार्जशीट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। जांच एजेंसी का दावा है कि यूनिवर्सिटी ने खुद को UGC की धारा 12(B) के तहत मान्यता प्राप्त बताया, जबकि हकीकत में यूनिवर्सिटी न तो इस लिस्ट में थी और न ही इसके लिए कभी आवेदन किया गया था. NAAC ग्रेड और UGC की मंजूरी के दावे सिर्फ फाइलों और वेबसाइट तक ही सीमित थे. इन झूठे दावों के दम पर हजारों छात्रों से करोड़ों रुपये की फीस वसूली गई.










