उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने का प्रयास तेज कर दिया है। अब तक खरीदी गई 200 हेक्टेयर जमीन में उद्यम स्थापना से पहले सड़क निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। सड़क निर्माण के बाद पावर हाउस, पेयजल व अन्य सुविधाएं विकसित की जायेगीं। सरकार ने जनपद के हैदरिया से लखनऊ तक जाने वाले 340 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित करने की योजना शुरू की है।
एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर होने से औद्योगिक गलियारे के लिए जनपद को चिह्नित किया गया। मुहम्मदाबाद तहसील में एक्सप्रेसवे किनारे चार जनवरी 2024 से जमीन का बैनामा शुरू किया गया। पहले चरण में सोनाड़ी, बघौरी व भोपतपुर और दूसरे चरण में चकफातमा, अवथहीं व वाजिदपुर के किसानों की करीब 200 हेक्टेयर से अधिक जमीन की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
200 हेक्टेयर जमीन की खरीद बाकी
दो सौ हेक्टेयर जमीन खरीद पर यूपीडा ने लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किया है। आधा दर्जन गांवों की अभी दो सौ हेक्टेयर जमीन की खरीद की जानी बाकी है। खरीदी गई जमीन में से 120 एकड़ जमीन पर उद्यम लगाने की की मांग रिलायंस समूह ने की है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग लगाने की योजना है।
यूपीडा की टीम ने औद्योगिक जरूरत को देखते हुए सबसे पहले खरीदी गई जमीन पर सड़क निर्माण की कार्ययोजना बनाई है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों यूपीडा की निर्माण विभाग की टीम ने सड़क अप्रोच के लिए लेआउट तैयार किया है।
इसके बाद बिजली, पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसमें से अधिकतर का अधिग्रहण भी हो चुका है। यूपीडा लखनऊ के भू-अर्जन अधिकारी नागेंद्र शर्मा का कहना है कि रिलायंस समूह के इंवेस्टर समिट के तहत उद्योग लगाने के प्रस्ताव देने के बाद सड़क निर्माण के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सड़क बनाई जाएगी।
बेवरेज का लगेगा उद्यम
करइल इलाके में बड़े स्तर पर सब्जियों मिर्च, मटर, टमाटर, केला आदि के उत्पादन को देखते हुए रिलायंस समूह करीब 500 करोड़ की लागत से बेवरेज प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसमें साफ्ट ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक व जूस आदि का उत्पादन किया जाएगा।










