Bombay High Court: हाईकोर्ट ने किशोर के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामला खारिज किया, पीड़िता की मां ने दी थी रजामंदी

    पीड़िता की मां ने भी आरोपी किशोर के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने की रजामंदी दे दी थी। इस पर नोटिस लेते हुए कोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया।

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक किशोर के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न मामला खारिज कर दिया है। पीड़ित नाबालिग लड़की की मां की रजामंदी के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। जस्टिस नितिन सांबरे और जस्टिस एसजी दिगे की डिविजन बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि 19 वर्षीय आरोपी किशोर और पीड़िता दोस्त थे और बिना पीड़िता के मां-बाप को बताए दोनों साथ रह रहे थे।

    जब इसकी जानकारी पीड़िता की मां को लगी तो उन्होंने किशोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। इस पर आरोपी किशोर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उसके खिलाफ दर्ज शिकायत खारिज करने की मांग की। पीड़िता की मां ने भी आरोपी किशोर के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने की रजामंदी दे दी थी। इस पर नोटिस लेते हुए कोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया।

    पीड़िता की मां ने कोर्ट को बताया कि अपनी बेटी से बात करने पर उन्हें पता चला कि उनकी बेटी बिना उन्हें सूचित किए थोड़े समय के लिए किशोर के साथ रह रही थी। आरोपी ने अपनी याचिका में बताया कि संवाद की कमी के चलते यह गड़बड़ी हुई। आरोपी ने ये भी बताया कि उसका पीड़िता को अगवा करने का कोई इरादा नहीं था। बता दें कि नवंबर 2021 में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा आठ और 12 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।

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