ये दो सीटें, जहां BJP के सामने किसी और पार्टी ने खड़ा होने की नहीं की हिम्मत

    आज के दौर में जब सियासत में किसी भी कामयाब नेता के तमाम विरोधी पैदा हो जाते हैं, किसी का बड़े लेवल पर निर्विरोध चुनाव जीत पाना लगभग नामुमकिन दिखता है। हालांकि इस नामुमकिन काम को बीजेपी के 2 विधायकों ने मुमकिन कर दिखाया है। पार्टी के 2 प्रत्याशियों ने निर्विरोध चुनाव जीतकर अपनी-अपनी विधानसभा सीटों पर भगवा परचम लहराया है। इन 2 में से एक प्रत्याशी ने नागालैंड विधानसभा चुनावों और दूसरे ने अरुणाचल प्रदेश में हुए विधानसभा उपचुनावों में निर्विरोध जीत दर्ज की।

    अरुणाचल के लुमला में निर्विरोध जीती बीजेपी

    अरुणाचल प्रदेश की लुमला विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना था और सभी को इस सीट पर कड़ी लड़ाई की उम्मीद थी। हालांकि लोगों की यह उम्मीद तब टूट गई जब 27 फरवरी को होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ किसी ने पर्चा ही नहीं भरा। इस सीट पर बीजेपी ने शेरिंग हामु को टिकट दिया था। नामांकन की आखिरी तारीख तक लुमला विधानसभा सीट से पर्चा भरने वाली वह एकमात्र प्रत्याशी थीं और इसी के साथ उनका निर्विरोध चुना जाना निश्चित हो गया। हामु के खिलाफ क्षेत्रीय पार्टी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) ने एक ग्राम प्रधान को जरूर अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने पर्चा ही नहीं भरा।

    नागालैंड में बीजेपी प्रत्याशी ने लहराया परचम
    नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी गठबंधन ने बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि इस तरह के नतीजों का अंदाजा उसी दिन हो गया था जब बीजेपी के एक प्रत्याशी ने निर्विरोध जीत दर्ज की थी। बीजेपी के उम्मीदवार कझेतो किनिमी ने जुनहेबोतो जिले की अकुलुतो विधानसभा सीट पर बगैर चुनाव लड़े ही भगवा परचम लहरा दिया था। कझेतो किनिमी के खिलाफ कांग्रेस ने एन खकाशे सुमी को टिकट दिया था, लेकिन उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके साथ ही बीजेपी उम्मीदवार कझेतो किनिमी ने इस सीट पर बिना चुनाव लड़े ही जीत हासिल कर ली।

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