भाई का शादीशुदा महिला से था अवैध संबंध; समझाने की कोशिश कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जिंदा जलाया

    एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया, नागराजू के छोटे भाई पुरुषोत्तम पर रिपिंजय की पत्नी के साथ विवाहेतर संबंध रखने का आरोप है, जिसके कारण उनके बीच विवाद हुआ। इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए नागराजू, गोपीनाथ रेड्डी के जरिए मध्यस्थता कर रहे थे।

    आंध्रप्रदेश के तिरुपति में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जिंदा जलाकर इसलिए मार डाला गया क्योंकि वह कथित तौर पर विवाहेतर संबंध से पैदा हुए विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहा था।

    चित्तूर जिले के वेदुरू कुप्पम मंडल के ब्राह्मणपल्ली गांव में घर से काम कर रहे नागराजू (35 वर्षीय) को कथित तौर पर तीन लोगों  रिपिंजय, चाणक्य प्रताप और गोपीनाथ रेड्डी ने अपनी ही कार में आग लगा दी।

    एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया, नागराजू के छोटे भाई पुरुषोत्तम पर रिपिंजय की पत्नी के साथ विवाहेतर संबंध रखने का आरोप है, जिसके कारण उनके बीच विवाद हुआ। इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए नागराजू, गोपीनाथ रेड्डी के जरिए मध्यस्थता कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, पुरुषोत्तम को हाल ही में  बेंगलुरु में नौकरी मिली है।

    शनिवार की रात जब पुरुषोत्तम बेंगलुरु में थे, तो रेड्डी ने नागराजू को बातचीत के लिए बुलाया। नागराजू इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए रिपिंजय, चाणक्य प्रताप और गोपीनाथ रेड्डी के के साथ बाहर गए। इसके बाद कार में बैठे। लेकिन स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद नागराजू को तीनों ने होंडा कार में जिंदा जला दिया।

    अधिकारी ने बताया कि नागराजू ने रेड्डी से टकराव से बचने का अनुरोध किया, लेकिन चंद्रगिरी और आरपी पुरम के बीच बोप्पाराजूपल्ली कानुमा में बहस चरम पर पहुंच गई। मृतक व्यक्ति का शरीर पूरी तरह से जल चुका है, इसलिए पुलिस अपराध स्थल पर ही पोस्टमॉर्टम करने की व्यवस्था कर रही है। नागराजू की चेन और चप्पल की पहचान कर ली गई है।

    घटना के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूतों को गायब करना), धारा 34 (समान इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने हत्या के लिए नागराजू की कार से ईंधन का इस्तेमाल किया था या वे इसे अपने साथ लाए थे, जिससे संकेत मिलेगा कि यह अपराध पूर्व नियोजित था या नहीं। घटना का पता तब चला जब राहगीरों ने एक जलती हुई कार को देखा और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

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