उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को अमेरिकी पैटर्न के आधार पर किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की वकालत की और कहा की किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करते समय मुद्रास्फीति को ध्यान में रखा जाना चाहिए, जैसे कि विधायकों और सांसदों के वेतन के मामले में रखा जाता है.ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने विधायकों और सांसदों के वेतन में संशोधन करते समय मुद्रास्फीति को ध्यान में रखा, तो किसानों का समर्थन करते समय क्यों नहीं? किसानों को दी जाने वाली सहायता में भी मुद्रास्फीति का ध्यान रखा जाना चाहिए.’
