अमेरिका और कनाडा के बीच पूरी तरह ठन गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नए-नवेले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए कनाडा को जो न्योता भेजा था, उसे अब वापस ले लिया है. ट्रंप ने यह फैसला उस समय लिया है जब कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ उनकी जुबानी जंग चल रही है. दावोस में विश्व आर्थिक मंच से मार्क कार्नी के वायरल हो चुके भाषण से नाराज होकर डोनाल्ड ट्रंप के भड़काऊ दावा किया था कि “कनाडा अमेरिका के कारण जिंदा है.” जवाब में कनाडा के प्रधान मंत्री ने कहा कि “कनाडा अमेरिका के कारण नहीं जी रहा है. कनाडा इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम कनाडाई हैं.”ट्रंप ने न्योता वापस लियापहले समझिए की बोर्ड ऑफ पीस क्या है. वैसे तो ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को मूल रूप से गाजा पर इजराइल के दो साल के युद्ध के बाद गाजा में शांति की देखरेख करने के लिए बनाया गया है लेकिन ट्रंप का प्लान इससे कहीं आगे का है. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का चार्टर अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को हल करने में एक व्यापक भूमिका की कल्पना करता है. कहा जा रहा है कि ट्रंप इसके जरिए अपना खुद का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बना रहे हैं. 22 जनवरी को ट्रंप की अध्यक्षता में पाकिस्तान सहित 20 देशों ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के करार पर हस्ताक्षर किए. अब ट्रंप ने कनाडा से इसमें शामिल होने का न्योता वापस ले लिया है.
