गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या के मौके पर घोषित पद्म सम्मान एक बार फिर यह संदेश देते हैं कि मोदी सरकार वैचारिक तौर पर अपने विरोधियों को भी सम्मान देने से पीछे नहीं हटती. रविवार शाम घोषित पद्म सम्मान सूची में दो नाम खास तौर पर चर्चा में रहे, पहले केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज सीपीएम नेता वी.एस. अच्युतानंदन और दूसरे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन. इन दोनों दिवंगत नेताओं को सरकार ने पद्म सम्मान से नवाज़ा है, हालांकि इसके राजनीतिक संदेश और संभावित रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं.










