सपा सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई कथित अभद्रता को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और उसका शीर्ष नेतृत्व इस घटना की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी स्वयं को सनातन संस्कृति के रक्षक के रूप में पेश करती है, वहीं दूसरी ओर साधुओं के सम्मान को लेकर उसका दोहरा रवैया सामने आता है.डिंपल यादव का क्या आरोपडिंपल यादव ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ पुलिस ने कैसा व्यवहार किया, वह वीडियो में साफ दिखता है. यूपी के शीर्ष अधिकारी झूठ बोलते हुए नजर आए. उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने और इस पर जारी वीडियो को लेकर कहा कि प्रदेश का मुखिया झूठ फैलाता दिखा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन द्वारा शंकराचार्य को नोटिस भेजकर उनकी पहचान का प्रमाण मांगने पर सपा सांसद ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया.










