अरुणाचल प्रदेश में ट्रांस-अरुणाचल हाईवे परियोजना से जुड़े बड़े मुआवजा घोटाले पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी. मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है.क्या है घोटाला?यह पूरा मामला हाईवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर मुआवजा दिलाने, फर्जी लाभार्थियों के नाम पर भुगतान कराने और अधिकारियों-निजी लोगों की मिलीभगत से जुड़ा है. ट्रांस-अरुणाचल हाईवे की कुल लंबाई 157.70 किलोमीटर है, जिसे याचुली, ज़ीरो और रागा सेक्टरों में बांटा गया था.जांच में सामने आया कि ज़ीरो के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर ने शुरुआत में ₹289.40 करोड़ मुआवजा तय किया था. लेकिन राज्य स्तर की बैठक में इसे घटाकर ₹198.56 करोड़ कर दिया गया. इसके बावजूद मुआवजा देने में भारी गड़बड़ी की गई.










