यूपी की इस नगर पालिका में शामिल होंगे 18 नए गांव, बढ़ेंगे 40 से अधिक वार्ड; मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

UP News: यूपी के सुलतानपुर में शहर से सटे डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायत के वासियों के लिए अच्छी खबर है। नगर पालिका क्षेत्र के सीमा विस्तार योजना को शासन ने हरी झंडी दे दी है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद पालिका ने दायरा बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। यह योजना पूरी होने के बाद शहर के अंदर 40 से अधिक वार्ड तक बढ़ने की सभावना है। यह नगर पालिका के बजाए सिटी बोर्ड श्रेणीवन की नगर पालिका कहलाएगी। आसपास के गांवों को शहरी सुविधाएं मुहैया होंगी। नगर पालिका का राजस्व डेढ़ गुना से अधिक बढ़ जाएगा।

वर्ष 2025 के नए वित्तीय वर्ष पर सीमा विस्तार योजना का प्रस्ताव शासन की ओर से नगर पालिका से मांगा गया था। योजना को फलीभूत करने के लिए पालिका का दायरा बढ़ाने के लिए डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर वर्ष 2025 में 18 मई को लगभग एक वर्ष पहले पत्रावली को नगर पालिका ने शासन को भेजा था। योजना के अनुसार सीमा विस्तार में शहर के आसपास के गांवों को अधिग्रहण कर शामिल किया जाना है। अभी तक नगर पालिका का चौतरफा दायरा लगभग 16 वर्ग किलोमीटर में है। लेकिन सीमा विस्तार के बाद पालिका क्षेत्र का दायरा 25 वर्ग किलोमीटर के करीब पहुंच जाएगा।

इन डेढ़ दर्जन गांवों को किया जाएगा शामिल :

नगर पालिका के सीमा विस्तार योजना के तहत लोलेपुर व नकराही,पांचोपीरन कस्बा ग्राम पंचायतों को आंशिक, बघराजपुर,विनोवापुरी, टाटियानगर, टेंढुई, मोलनापुर, वलीपुर, चुनहा, गोराबारिक, तमेड़ी, दूबेपुर, घासीपुर, तुराबखानी, अहिमाने, लोहरामऊ समेत गांवों को शामिल किया जाना है। इन्हीं ग्राम पंचायतों को वार्ड में तब्दील किया जाएगा। प्रत्येक वार्ड की आवादी आठ से 10 हजार और मतदाता पांच हजार निर्धारित हैं।

ग्राम पंचायतें वार्ड बनने पर होंगी चकाचौंध

सीमा विस्तार परियोजना के बाद ग्रामीण नागरिक कहलाएंगे। ग्राम पंचायतों के अधिग्रहण किए जाने के बाद मुख्य मार्गों पर बहुरंगी लाइटिंग, डामरीकरण सड़कों का निर्माण होगा। पर्यावरण शुद्धता के लिए हरियाली युक्त पार्क के लिए भी निर्माण होगा। नियमित साफ-सफाई का लाभ मिलेगा। पेयजल के लिए पम्प व मिनी पम्प की सुविधाएं नागरिकों को मिलेंगी। सीवर लाइन, गलियों को इंटर लाकिंग, सड़क के दोनों तरफ नालियां, पानी निकासी के लिए बड़े नाले का निर्माण होगा।

157 वर्ष पुरानी है नगर पालिका

नगर पालिका का गठन 30 जून 1868 में मुंसिपल कमेटी के नाम से किया गया था। विक्टोरिया मंजिल के नाम नगर पालिका का कार्यालय स्थापित किया गया था। वर्ष 1945 में पहली बार यह नगर पालिका अस्तित्व में आई। पहले बार अधिवक्ता करुणा शंकर अध्यक्ष चुने गए थे 15 से 20 हजार की आवादी वाली द्वितीय श्रेणी की नगर पालिका में 15 वार्ड बनाए गए थे। वर्ष 1984 में पहली बार नगर पालिका का सीमा विस्तार किया गया था। जिसमें गोलाघाट से लेकर नरायनपुर व पयागीपुर और घासीगंज व आंशिक गोराबरिक को शामिल कर 18 वार्ड बनाया गया था। वर्ष 1995 में परिसीमन कर 25 वार्ड बनाया गया। जिसमें 18 हजार मकानों में 93033 लोगों की आवादी थी। तीन दशक का समय बीतने के बाद किसी पालिकाध्यक्ष ने सीमा विस्तार और राजस्व बढ़ने के बारे में नहीं सोचा। वर्तमान समय में नगर पालिका के अंदर 22586 मकान हो गए हैं। जिसकी आवादी 156000 आवादी है। ईओ लाल चन्द्र सरोज ने बताया कि एक वर्ष पहले पालिका सीमा विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद अब हरी झंडी मिली है।

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