Shehzad Poonawalla Quit BJP: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी डिबेट्स में पार्टी का मुखर चेहरा रहे शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा देने के बाद पहली बार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया है। इस बीच उनका एक पुराना इंटरव्यू भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा और 2024 लोकसभा चुनाव के बाद सक्रिय राजनीति छोड़ने की योजना का खुलासा किया था।
पूनावाला ने बताया था कि उन्होंने तय कर लिया था कि अगर नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह सक्रिय राजनीति से अलग हो जाएंगे। हालांकि चुनाव नतीजों के बाद पीएम मोदी के चेहरे पर दिखे भाव ने उनका फैसला बदल दिया। उन्होंने महसूस किया कि बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे महत्वपूर्ण चुनावों में पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करना उनकी जिम्मेदारी है। अब इस्तीफे के बाद उनकी सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
शहजाद पूनावाला ने बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में राजनीति की शुरुआत की थी। साल 2006-07 में उन्होंने कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI से जुड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उनके मुताबिक लगभग 18-19 वर्षों तक लगातार राजनीति में काम करने के बाद उन्हें लगा कि अपनी क्षमता के अनुसार जो मुकाम हासिल करना था, वह कर चुके हैं। इसी वजह से उन्होंने तय किया था कि अगर 2024 में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह सक्रिय राजनीति से अलग होकर समाज के लिए किसी दूसरे क्षेत्र में योगदान देंगे।
पूनावाला ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, हालांकि एनडीए ने सरकार बना ली। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर उन्हें एक अलग तरह का भाव दिखाई दिया। उनका कहना था कि उस पल उन्हें महसूस हुआ कि पार्टी को अभी उनकी जरूरत है। इसी भावना के चलते उन्होंने राजनीति छोड़ने का फैसला टाल दिया और आने वाले महत्वपूर्ण चुनावों तक पूरी ताकत के साथ पार्टी के लिए काम करने का निर्णय लिया।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि 2024 के बाद कई ऐसे चुनाव थे, जिन्हें वह बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने खास तौर पर पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा का जिक्र किया। उनके मुताबिक इन राज्यों में जीत हासिल कर मजबूत राजनीतिक संदेश देना जरूरी था। इसलिए उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति में बनाए रखने का फैसला किया। उनका कहना है कि इन चुनावों के बाद ही वह अपने भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय लेने पर विचार करेंगे। कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर भी किया याद इंटरव्यू के दौरान पूनावाला ने अपने शुरुआती दिनों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस में रहते हुए वह अपनी जेब खर्च से पैसे बचाकर दिल्ली आते थे और 24 अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में इंटर्नशिप व मीडिया विभाग में काम करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय AICC मीडिया विभाग में टॉम वडक्कन सचिव थे और देर रात काम खत्म होने पर अक्सर उन्हें घर छोड़ दिया करते थे। पूनावाला ने इस दौरान अपने संघर्ष और शुरुआती राजनीतिक अनुभवों को भी साझा किया।
जब उनसे पूछा गया कि अगर राजनीति छोड़ेंगे तो आगे क्या करेंगे, तो पूनावाला ने कहा कि देश और समाज की सेवा केवल राजनीति के जरिए ही नहीं की जा सकती। उनके मुताबिक समाज निर्माण के कई दूसरे माध्यम भी हैं, जहां प्रभावी योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ एक साधन है, जबकि समाज नीति का दायरा कहीं अधिक व्यापक है। इसलिए भविष्य में वह किसी ऐसे क्षेत्र में काम करना चाहेंगे, जहां समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान जारी रख सकें।
