Pupil-Teacher Ratio: शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है. Pupil-Teacher Ratio: 12 सालों में देश की स्कूली व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है. दरअसल शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी गए किए गए प्यूपिल टीचर रेशियो के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या पहले के मुकाबले कम हुई है. मंत्रालय का कहना है कि इससे शिक्षकों को प्रत्येक छात्र पर ज्यादा ध्यान देने का अवसर मिलेगा और पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी.










