मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है, लेकिन कानून के तहत उन्हें अभी कई मंचों पर अपील करने का हक है. फांसी से बचने के लिए वो कई कदम उठा सकते हैं.मेरठ की दहला देने वाली उस काली रात की खौफनाक यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं, जब क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया था. मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या कर जिस तरह उनके शरीर के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से सील किए गए थे, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया था. इस बहुचर्चित और वीभत्स हत्याकांड में अदालत का अंतिम फैसला आ चुका है, जहां जिला जज ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है. इस खौफनाक सजा के ऐलान के बाद अब हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन दोनों के पास अपनी सांसों को बचाने के लिए अभी भी कोई कानूनी दरवाजा खुला है या नहीं.










