हरियाणा के आईएएस अधिकारी सुशील सारवान ने सेवानिवृत्त हो रहे चालक यब्बू प्रसाद पांडे को खुद गाड़ी चलाकर घर पहुंचाया. 33 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को दी गई यह भावुक विदाई सादगी, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल बन गई.हरियाणा सरकार में चालक यब्बू प्रसाद पांडे के लिए आज का दिन कभी नहीं भूल सकने वाला रहा. वो अपने सेवाकाल में तमाम अफसरों को बैठाकर कार चलाता रहा और आज उनके रिटायरमेंट ड्राइवर सीट पर आईएएस अधिकारी सुशील सारवान बैठे थे, जो यब्बू प्रसाद पांडे को उनके घर छोड़ने जा रहे थे. यब्बू प्रसाद पांडे 33 साल की सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2026 को रिटायर हो गए. उनकी आखिरी पोस्टिंग हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (एचआरडीएफ) बोर्ड में रही. रिटायरमेंट पर बोर्ड निदेशक आईएएस सुशील सारवान उनके चालक बने. रिटायरमेंट पर भावुक हुए पांडेदरअसल, सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारियों के बीच औपचारिक संबंध आम माने जाते हैं, लेकिन हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक एवं आईएएस अधिकारी सुशील सारवान ने अपनी सादगी और मानवीय संवेदनशीलता से एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है. हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (एचआरडीएफ) बोर्ड में चालक के पद पर कार्यरत यब्बू प्रसाद पांडे 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए. लगभग 33 वर्ष 6 माह की लंबी सरकारी सेवा पूरी करने के बाद जब उनके विदा होने का समय आया तो निदेशक सुशील सारवान ने ऐसा कदम उठाया, जिसने यब्बू प्रसाद पांडे को ही नहीं बल्कि देखने वालों को भी भावुक कर दिया.







