साल 1967 में आई फिल्म ज्वेल थीफ का गाना होठों में ऐसी बात, जिसमें वैजयंतीमाला ने ऐसा डांस परफॉर्म किया, जो आज भी लोगों के बीच पसंदीदा बना हुआ है. इस गाने में वैजयंतीमाला ने ऐसी परफॉर्मेंस दी जो आज भी यादगार है. लेकिन इस डांस से जुड़ा एक किस्सा भी है जो बेहद दिलचस्प है नई दिल्ली:
बॉलीवुड फिल्मों में कुछ ऐसे गाने बने हैं, जो वक्त के साथ पुराने नहीं हुए, बल्कि समय के साथ वो लोगों के दिलों में अपनी अलग और खास जगह बना ली. आज हम एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जो साल 1967 में आई देव आनंद की फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ का है. गाने के बोल थे ‘होंठों में ऐसी बात, मैं दबाकर चली आई’. इस गाने में वैजयंतीमाला ने अपने डांस और अदाओं से ऐसा समना बांधा कि 59 साल बाद भी इस गाने पर लड़कियां डांस करती हैं. स्कूल और कॉलेज के फंक्शन से लेकर के घरों में होने वाले प्रोग्रॉम में भी इस पर खूब डांस परफॉर्म किए जाते हैं. ये गाना आझ भी शानदार डांस नंबर्स में गिना जाता है. लेकिन इस गाने की शूटिंग और रिहर्सल को लेकर के एक किस्सा काफी दिलचस्प है. महज 15 मिनट की प्रैक्टिस और फिर कैमरे के सामने वैजयंतीमाला ने ऐसा डांस परफॉर्म किया, जिसे देखकर हर कोई हैरान हो गया था.
रिहर्सल को लेकर हुआ था मतभेद
फिल्म के डायरेक्टर विजय आनंद थे और वो चाहते थे कि वैजयंतीमाला इस गाने के लिए अच्छे से प्रैक्टिस करें. लेकिन एक्ट्रेस ने इसकी रिहर्सल में ज्यादा समय नहीं दिया. उन्होंने कोरियोग्रॉफर असिस्टेंट सरोज खान के साथ महज 15 मिनट की प्रैक्टिस ही की थी. हालांकि गाने की कोरियोग्रॉफी मास्टर सोहनलाल ने की थी. लेकिन सरोज खान उनकी असिस्टेंट थी इसलिए वैजयंतीमाला को ये डांस तैयार कराना उनका ही काम था. लेकिन वैजयंतीमाला ने 15 मिनट की रिहर्सल कर के इस गाने में ऐसी जान डाली की आज भी इस डांस को उनकी खास परफॉर्मेंस में याद किया जाता है.









