हाईकोर्ट ने आदेशों का पालन न करने पर हरदोई के बीएसए को तलब किया है। साथ ही 30 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसमें से 10 हजार रुपये याची को मिलेंगे। यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोर्ट के पहले के आदेशों का पालन न करने पर हरदोई की बेसिक शिक्षा अधिकारी अधिकारी (बीएसए) को 06 अगस्त को तलब किया है। कोर्ट ने मामले में बीएसए, हरदोई को पक्षकार बनाने के निर्देश देकर उनके समेत पक्षकारों पर 30 हजार रुपये हर्जाना लगाया है। इसमें से 10 हजार रुपये याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया है न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश अंकित कुमार की जनहित याचिका पर दिया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, हरदोई के जिला अधिकारी ने बीएसए को एक मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया था। 4 अगस्त 2025 को जांच रिपोर्ट तैयार होने के बावजूद उन्होंने इसे जिलाधिकारी को नहीं भेजा। इस मामले में हाईकोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को बीएसए पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया था। इसके बावजूद शुक्रवार को सुनवाई के समय बीएसए की ओर से जांच रिपोर्ट न पेश करने का कोई स्पष्टीकरण दिया गया और न ही हर्जाने की धनराशि जमा की गई।
इस पर हाईकोर्ट ने पहले लगाए गए पांच हजार रुपये के हर्जाने के अलावा 25 हजार रुपये का और (कुल 30 हजार) का हर्जाना लगा दिया। इसमें से 10 हजार रुपये याची को अदा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 06 अगस्त को तय करके उस रोज बीएसए को पेश होकर जांच और जांच रिपोर्ट का स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।










