दुधवा के भादी ताल में मरा मिला नर गैंडा शावक, ‘नेपोलियन’ के हमले में गई जान

    गैंडा पुनवार्सन क्षेत्र की पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मियों को गैंडा शावक का शव भादी ताल के पानी में पड़ा दिखाई दिया। आशंका है कि ताकतवर गैंडे नेपोलियन से हुए संघर्ष में शावक मारा गया है।

    लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) की गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 में सोमवार शाम भादी ताल (छंगानाला) में एक नर गैंडा शावक मरा मिला। डीटीआर प्रशासन ने गैंडे को पानी से निकालकर मंगलवार सुबह तीन डॉक्टरों के पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया। गैंडा के गले और पेट में गहरे घाव देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी मौत आपसी संघर्ष में हुई है।

    दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 बेलरायां रेंज में संचालित है। इसमें तीन मादा और एक नर कुल चार गैंडों को रखा गया था। दो तीन साल पहले इनमें से एक मादा ने एक नर बच्चे को जन्म दिया था। इसको मिलाकर यहां कुल पांच गैंडे हो गए थे।

     

    भादी ताल के पानी में मृत मिला गैंडा 

    सोमवार को गैंडा पुनवार्सन क्षेत्र की पेट्रोलिंग के दौरान वनकर्मियों को गैंडा शावक का शव भादी ताल के पानी में पड़ा दिखाई दिया। वनकर्मियों ने इसकी सूचना दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी और फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर को दी।

    देर शाम दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत गैंडे को बाहर निकाला। इस नर गैंडा शावक के गर्दन के पास और पेट के अलावा शरीर के कई हिस्सों पर सींग चुभने के गहरे घाव दिखाई दिए। शावक की आंत फट गई थी।

    इससे अनुमान लगाया गया कि नर गैंडे नेपोलियन से हुए संघर्ष में शावक मारा गया है। पार्क के अधिकारियों ने बताया कि दो दिन से नर गैंडा नेपोलियन काफी बौखलाया दिख रहा था। शक होने पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई थी। सोमवार को इसी पेट्रोलिंग के दौरान गैंडा शावक का शव बरामद हुआ है।

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