सुप्रीम कोर्ट वक्फ संशोधन अधिनियम की वैधता को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा, जिसमें तर्क दिया गया है कि यह असंवैधानिक है. सरकार ने आश्वासन दिया कि किसी भी वक्फ संपत्ति को गैर-अधिसूचित नहीं किया जाएगा और वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुस्लिम को नियुक्त नहीं किया जाएगा. एक अन्य याचिका में अनुच्छेद 14 और 15 के उल्लंघन का हवाला देते हुए पूरे वक्फ अधिनियम को निरस्त करने की मांग की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह एक समुदाय को अनुचित संपत्ति अधिकार प्रदान करता है.कुछ सप्ताह पहले सरकार ने शीर्ष अदालत के प्रश्नों के मद्देनजर इस विवादास्पद कानून के दो मुख्य बिंदुओं के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी थी. केंद्र ने 17 अप्रैल को न्यायालय को सूचित किया था कि वह मामले की सुनवाई की अगली तारीख पांच मई तक ‘‘वक्फ बाय यूजर” सहित अन्य वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित नहीं करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्ड में कोई नियुक्तियां करेगा. केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ से कहा था कि संसद द्वारा उचित विचार-विमर्श के बाद पारित कानून पर सरकार का पक्ष सुने बिना रोक नहीं लगाई जानी चाहिए.










