छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर में दिए हालिया भाषण पर करारा जवाब दिया. ओवैसी ने सवाल उठाया कि सदियों पहले महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए हमलों के लिए आज के भारतीय मुसलमानों को क्यों जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?ओवैसी ने कहा, ‘आज के 17 करोड़ भारतीय मुसलमानों का महमूद गजनी से क्या संबंध है? क्यों लिया जा रहा है इतिहास का बदला?’ उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीति को मध्यकालीन इतिहास से जोड़ने की कोशिशें सिर्फ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं.
‘एक समुदाय को निशाना बनाना…’राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के कथित बयान का जिक्र करते हुए, जिसमें इतिहास का बदला लेने की बात कही गई थी, ओवैसी ने चेतावनी दी कि इतिहास का चयनात्मक इस्तेमाल करके एक समुदाय को निशाना बनाना सिर्फ समाज में घृणा बढ़ाएगा. उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर इतिहास को तोड़-मरोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि अगर पुराने इतिहास के आधार पर बदला लिया जाए तो रामायण-महाभारत की घटनाओं का भी बदला लेना पड़ेगा, जो बेतुका है.’पुरानी घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं’ओवैसी ने इस तरह की राजनीति को आधुनिक भारत के लिए खतरनाक करार दिया और कहा कि वर्तमान पीढ़ी को सदियों पुरानी घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. यह बयान हाल के दिनों में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी के भाषण के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमलों का जिक्र किया था.
