बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आई यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, जहां आर्थिक तंगी और बदहाली के कारण दो मासूम बच्चियों के सौदे का मामला सामने आया है. सकरा थाना क्षेत्र में पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो बच्चियों को रेस्क्यू किया है. यह मामला तब उजागर हुआ जब यह जानकारी मिली कि एक चाय बेचने वाली महिला की मध्यस्थता से एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची को महज 20 हजार रुपये में ‘गोद लेने’ के नाम पर बेचा गया था.रेस्क्यू की गई बच्चियों के पिता का कुछ समय पूर्व निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी मां ने तीनों बच्चों (दो बहनें और एक भाई) को उनके ननिहाल में छोड़कर उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली. ननिहाल में नानी और मामा की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के कारण बच्चों की परवरिश बोझ बन गई थी. इसी मजबूरी का फायदा उठाकर 2025 में मझौलिया गांव के एक निःसंतान दंपति ने भरथीपुर की एक चाय दुकानदार महिला के जरिए 20 हजार रुपये देकर एक बच्ची को अपने साथ ले लिया.
हिंसा और रेस्क्यू की कार्यवाही बच्ची को गोद लेने वाले घर में पिता का स्नेह तो मिला, लेकिन महिला की ओर से उसके साथ अक्सर मारपीट की जाने लगी. प्रताड़ना से तंग आकर मासूम बच्ची कई बार घर से भागकर सड़कों पर भटकती पाई गई. स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद भी जब स्थिति नहीं सुधरी, तो मामला पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंचा. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस बच्ची और उसकी दूसरी बहन (जिसे ननिहाल के ही एक अन्य रिश्तेदार ने रखा था) को रेस्क्यू कर लिया.मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चियों को फिलहाल श्रम संसाधन विभाग के संरक्षण (होम) में रखा गया है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सीधे तौर पर बच्चियों की खरीद-बख्त का मामला है. प्रशासन अब पीड़ित परिवार को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से जोड़ने और पुनर्वास के लिए 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है. पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा स
