जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे सुलेमान खान ने देश के नेतृत्व पर गहरे होते लोकतात्रिंक संकट को छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी विरोध की आवाज को दबा रहे हैं, जबकि विदेशों में अपनी बेहतर छवि पेश कर रहे हैं।
चैनल 4 को दिए एक इंटरव्यू में सुलेमान ने दावा किया कि सरकार वैश्विक मंच पर अपनी छवि चमकाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है, जबकि, उनके अनुसार, पाकिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी है और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं।
लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया जा रहा- सुलेमान खान
उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया जा रहा है। गिरफ्तारियां उन लोगों को निशाना बना रही हैं जो उस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं जिसे उन्होंने ‘बढ़ता हुआ तानाशाही तंत्र’ बताया।
सुलेमान खान की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब इमरान खान, अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटाए जाने के बाद से, अगस्त 2023 से कई मामले में हिरासत में हैं। उनकी हिरासत पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में विवाद का एक मुख्य मुद्दा बनी हुई है। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।
पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वर्ता
ईरान के साथ नाजुक युद्ध-विराम वार्ता को बचाने के नए प्रयासों के तहत, शनिवार को अमेरिकी दूतों रे पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है, हालांकि तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है।
यह कूटनीतिक प्रयास एक अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम के बीच हो रहा है, जिसने अधिकांश लड़ाइयों को तो रोक दिया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तनाव पैदा कर दिया है।
अमेरिका ने जताई सार्थक बातचीत की उम्मीद
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज को बताया कि दोनों दूत अराघची के साथ बातचीत करेंगे। लेविट ने कहा, “हमें उम्मीद है यह एक सार्थक बातचीत होगी और उम्मीद है कि इससे किसी समझौते की दिशा में प्रगति होगी।” उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद की यात्रा नहीं करेंगे, लेकन वह पूरी तरह बातचीत में शामिल रहेंगे।
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में रुकने के बाद अराघची युद्ध को खत्म करने के प्रयासों पर चर्चा के करने के लिए ओमान और रूस का दौरा करेंगे।
पहले दौर की शांति वार्ता रही बेनतीजा
इस्लामाबाद में हो रही बातचीत का यह दूसरा दौर है। इससे पहले 11-12 अप्रैल को पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बीच बीतचीत तीन अहम मुद्दों पर असहमति के कारण विफल हो गई थी, जिनमें तेहरान का अत्याधिक संवर्धित यूरेनियम और उसका परमाणु भविष्य, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और लेबनान में इजरायल का युद्ध शामिल है।
