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अब नहीं कटेगी बिजली: ट्रांसफार्मर डैमेज रेट में 80% की कमी, ट्रिपिंग फ्री हुआ उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा परिदृश्य में पिछले नौ वर्ष किसी ऐतिहासिक बदलाव से कम नहीं रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ‘अंधेरे से उजाले’ की ओर एक लंबी छलांग लगाई है। 2017 से पहले जो राज्य बिजली की किल्लत और ट्रिपिंग के लिए जाना जाता था, आज वह 31,000 मेगावाट की पीक डिमांड को सफलतापूर्वक संभालने वाला देश का अग्रणी पावर हब बन चुका है। योगी सरकार ने न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाई, बल्कि वितरण प्रणाली को इतना मजबूत किया कि आज गांव-गांव तक बिजली का सपना साकार हो रहा है।

मजरों का रिकॉर्ड विद्युतीकरण और उपभोक्ताओं का बढ़ता भरोसा

योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रदेश के अंतिम छोर तक रोशनी पहुंचाना रही है।

  • मजरों का कायाकल्प: 2017 तक केवल 1.28 लाख मजरों में बिजली थी, जो अब बढ़कर 3 लाख के पार पहुंच गई है। अब 5 घरों वाले छोटे मजरों को भी मुख्य ग्रिड से जोड़ा जा रहा है।
  • कनेक्शन की बाढ़: उपभोक्ताओं की संख्या 1.80 करोड़ से बढ़कर 3.72 करोड़ हो गई है। ‘झटपट पोर्टल’ ने नए कनेक्शन की राह से भ्रष्टाचार और देरी को खत्म कर दिया है।

सप्लाई में सुधार: शहरों जैसी सुविधा अब गांवों में

बिजली आपूर्ति के मामले में योगी सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म कर समान वितरण प्रणाली लागू की है।

  1. शहर: निर्बाध 24 घंटे आपूर्ति।
  2. ग्रामीण क्षेत्र: 18 से 22 घंटे तक की सुनिश्चित बिजली।
  3. बुनियादी ढांचा: पिछले 4 वर्षों में 30 लाख खंभे बदले गए और लाखों ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया गया। नतीजा यह है कि 2025-26 में ट्रांसफार्मर क्षति (Damage Rate) में 80% तक की भारी गिरावट आई है।

स्मार्ट मीटरिंग और राजस्व पारदर्शिता

बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। प्रदेश में लगभग 84 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। फीडर मीटरिंग में 95% प्रगति होने से अब बिजली के हर यूनिट का हिसाब पारदर्शी है। कनेक्टेड लोड में 80% की वृद्धि यह दर्शाती है कि प्रदेश में औद्योगिक और घरेलू गतिविधियों ने गति पकड़ी है।

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर: भविष्य की तैयारी

पारंपरिक कोयला आधारित बिजली के साथ-साथ यूपी अब ‘क्लीन एनर्जी’ का भी सिरमौर बन रहा है।

  • सौर क्रांति: ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत 4.60 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर प्लांट लग चुके हैं।
  • शीर्ष स्थान: ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। लखनऊ देश का सबसे तेजी से ‘सोलर सिटी’ बनने वाला शहर बनकर उभरा है।

अन्नदाता को संबल: मुफ्त बिजली और नए उपकेंद्र

किसानों के लिए योगी सरकार ने ‘निजी नलकूप मुफ्त बिजली योजना’ लागू कर खेती की लागत को कम किया है। बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए 2017 से अब तक 765 नए उपकेंद्र (Sub-stations) स्थापित किए गए हैं। यह विस्तार बताता है कि यूपी अब बिजली के मामले में केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि एक रोल मॉडल बन चुका है।

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