बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद मप्र शासन में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भावुक हो गए। मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान बंगाल के हालात बताते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में जब मैं वहां का प्रभारी था, तब मुझ पर और हमारे प्रचारकों पर दुष्कर्म, बच्चे बेचने जैसे गैर जमानती धाराओं में फर्जी केस लगाए गए थे। ममता बनर्जी हमें जेल भेजने में लगी हुई थीं। बताया नहीं जा सकता कि इस दौरान किस मानसिक पीड़ा से गुजरा हूं। यहां बैठकर बंगाल के हालात की कल्पना करना भी मुश्किल है।
अन्याय पर मिली जीत
विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज है ही नहीं। आप मेरी खुशी और इन आंसुओं की वजह को समझ नहीं सकते। राजनीतिक मतभेद अलग बात है, लेकिन बंगाल में जिस तरह मुझे निशाना बनाया गया, वह असहनीय था। मनोबल तोड़ने के लिए मुझ पर दुष्कर्म जैसे गंभीर और झूठे आरोप लगाए गए। पिछले छह वर्षों में मैंने जो मानसिक पीड़ा झेली है, वह मैं ही जानता हूं। ये कमजोरी के नहीं बल्कि अन्याय पर मिली जीत की खुशी के आंसू हैं।
यह विजय मोदी-शाह का तोहफा
विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति के जादू का नतीजा है। यह जीत मोदी-शाह की तरफ से देश के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा है क्योंकि टीएमसी के राज में, पश्चिम बंगाल देश विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन रहा था।
