सुप्रीम कोर्ट से रिलायंस कम्युनिकेशंस के मालिक अनिल अंबानी को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने ED को बैंक धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने ये आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनिल अंबानी बिना इजाजत देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं. बेंच ने कहा कि ED सीनियर अधिकारियों की एक SIT बनाए, ताकि चल रही जांच को लॉजिकल नतीजे तक पहुंचाया जा सके. कोर्ट ने अनिल अंबानी के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी है. यह आदेश तब आया है जब यह आशंका जताई गई थी कि अंबानी अपने खिलाफ जांच पूरी होने से पहले भारत से भाग सकते हैं. हालांकि, सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि उनके क्लाइंट कोर्ट की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ेंगे.बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तभी सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बीच बहस भी देखने को मिली. अंबानी के वकील सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने बताया कि कोर्ट का भरोसा दिलाया कि वह सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बिना देश छोड़कर नहीं जाएंगे. इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले भी मिस्टर रोहतगी के साथ ऐसा हो चुका है. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपने एक क्लाइंट के लिए ऐसा ही कहा था लेकिन वो भाग गया था. रोहतगी ने जवाब देते हुए कहा कि उनके क्लाइंट ने वापस आकर सरकार को 5 हजार करोड़ दिए थे.
