बांग्लादेश में कई महीनों के बवाल के बाद आखिरकार चुनाव हुए और अब नतीजे भी सामने आ चुके हैं. चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत हुई है और अब बांग्लादेश के अगले पीएम तारिक रहमान होंगे. कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी को इस चुनाव में करारी हार मिली. इस चुनाव में उन तमाम छात्र नेताओं की राजनीतिक पार्टी भी मैदान में उतरी थी, जिन्होंने बांग्लादेश में मौजूद शेख हसीना सरकार को उखाड़ फेंका था. इस प्रोटेस्ट को Gen Z प्रोटेस्ट का नाम दिया गया था. अब चुनाव नतीजों के बाद सवाल है कि आखिर उन छात्र नेताओं का क्या हुआ, जिन्होंने बांग्लादेश में सत्ता को हिलाने का काम किया था. छात्रों की पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?प्रदर्शन से उभरे छात्र नेताओं ने चुनाव से पहले नई पार्टी बनाई थी, जिसका नाम जातीय नागरिक पार्टी (JNP) रखा गया था. इसे नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नाम से भी बांग्लादेश में जाना जाता है. प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बांग्लादेश चुनाव में महज पांच सीटें मिल पाई हैं. यानी जिन छात्रों ने सड़कों पर उतरकर कई महीनों तक प्रदर्शन किया और सरकार को गिराने में अहम रोल निभाया, उन्हें चुनाव में इसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पाया.
