पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रविवार को पुरुलिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित रायबाघिनी देवी मेला मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने दावा किया कि बंगाल की जनता अब भय के साये से बाहर निकल चुकी है और इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनना तय है।
ममता सरकार पर ‘जंगलराज’ का आरोप
प्रधानमंत्री दोपहर 12:50 बजे जनसभा स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत टीएमसी सरकार की आलोचना से की। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का निर्मम शासन चल रहा है, जिसे केवल जंगलराज कहा जा सकता है।
इस सरकार ने जनता को भयभीत करके रखा है, लेकिन टीएमसी की जितनी निर्ममता बढ़ी है, भाजपा पर जनता का विश्वास उतना ही मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री ने पड़ोसी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह असम में कांग्रेस और त्रिपुरा में माकपा के अत्याचारी शासन को जनता ने उखाड़ फेंका, वही इतिहास अब बंगाल में दोहराया जाने वाला है।
भ्रष्टाचार और शिक्षक भर्ती घोटाले पर प्रहार
पीएम मोदी ने राज्य में हुए विभिन्न घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती घोटाले के जरिए योग्य युवाओं की नौकरियां लूटी गई हैं।
पीएम मोदी नं कहा कि बंगाल में बिना ‘कटमनी’ दिए कोई काम नहीं होता। अगर राज्य में विकास की रफ्तार तेज करनी है, तो ‘डबल इंजन’ की सरकार लानी होगी। उन्होंने यह भी तंज कसा कि ‘भतीजा’ (अभिषेक बनर्जी) के प्रभाव को खत्म करने के लिए भाजपा को वोट देना जरूरी है।
महिलाओं और किसानों के लिए बड़े चुनावी वादे
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- आर्थिक सहायता: बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर सभी महिलाओं को सालाना 36,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
- किसान सम्मान निधि: पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को 6,000 से बढ़ाकर 9,000 सालाना किया जाएगा।
- महिला आरक्षण: पीएम ने कांग्रेस और टीएमसी को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि इन दलों ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर अपनी मानसिकता उजागर कर दी है।
- सुरक्षा: उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और दुष्कर्म के आरोपियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
