सीबीआई ने उत्तर प्रदेश वन निगम के नाम पर लखनऊ के बैंक ऑफ इंडिया की सदर बाजार शाखा में फर्जी खाता खुलवा कर 64.82 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दीपक संजीव सुवर्णा व दीपक यादव के रूप में हुई है। दोनों आरोपित वन निगम के कर्मचारियों के संपर्क में थे और बैंक में भी नियमित तौर पर जाते रहते थे।
बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से इस मामले की शिकायत पहले पुलिस को की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इस बीच आरोपित लखनऊ से फरार हो गए। नतीजतन बैंक ऑफ इंडिया ने 15 जनवरी को सीबीआई को इस फर्जीवाड़े की शिकायत की थी।
सीबीआई ने उसी दिन मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। सीबीआई की जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपितों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए वन निगम के नाम से बैंक ऑफ इंडिया की सदर बाजार शाखा में नकली खाता खुलवाया था।
साथ ही वन निगम के 64.82 करोड़ रुपये एफडीआर बनाने के नाम पर अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। सीबीआई के अनुसार आरोपियों ने खाता खुलवाने के लिए फर्जी केवाईसी दस्तावेज, जाली प्राधिकरण पत्र और फर्जी बोर्ड प्रस्ताव का इस्तेमाल किया था।
इसके बाद खाते से आरटीजीएस के माध्यम से 6.95 करोड़ रुपये कोलकाता और नई दिल्ली की छह फर्मों में ट्रांसफर करा लिए थे। इसकी जानकारी होने पर वन निगम ने बैंक को सूचित किया था कि वन निगम की तरफ से कोई प्राधिकरण पत्र जारी नहीं किया गया है।
सीबीआई ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया गया। लगातार सर्विलांस और फील्ड ऑपरेशन के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अदालत (पश्चिम), लखनऊ के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
