बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक पहले एनडीए ने अपना सबसे बड़ा सियासी दांव चल दिया है। 30 जुलाई को होने वाली वोटिंग से दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू सांसद नीतीश कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर बांकीपुर के मतदाताओं से खास अपील की।
उन्होंने एनडीए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि बिहार के विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए हर वोट बेहद अहम है।
नीतीश कुमार की अपील को चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में एनडीए के भावनात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने पिछले दो दशकों में बिहार में हुए विकास और सुशासन का जिक्र करते हुए मतदाताओं से एक बार फिर एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
अब सवाल यह है कि क्या नीतीश की यह अपील बांकीपुर के वोटरों को आखिरी वक्त में एनडीए के पक्ष में लामबंद कर पाएगी?
‘हर वोट जरूरी’, नीतीश ने बांकीपुर के वोटरों को दिया बड़ा संदेश
नीतीश कुमार ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि 30 जुलाई को सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें और एनडीए के युवा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएं।.
उन्होंने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए जनता का समर्थन जरूरी है।
उन्होंने अपने संदेश में पिछले 20 वर्षों के दौरान जनता के विश्वास और सहयोग का भी जिक्र किया। नीतीश ने कहा कि बिहार में सुशासन और न्याय के साथ विकास का काम किया गया है।
अब इस विकास की रफ्तार को आगे बनाए रखने के लिए बांकीपुर का हर वोट महत्वपूर्ण है।
नीतीश के बाद नितिन नवीन ने भी खेला ‘कार्यकर्ता’ वाला कार्ड
नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में मतदाताओं से वोट की अपील की।
उन्होंने नीरज सिन्हा की राजनीतिक पृष्ठभूमि को सामने रखते हुए कहा कि वह किसी बड़े राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं।
नितिन नवीन ने कहा कि नीरज सिन्हा ने एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी निभाई।
अब वही कार्यकर्ता बीजेपी और एनडीए के उम्मीदवार के रूप में जनता के बीच है।
बड़े परिवार का नहीं, संगठन का कार्यकर्ता-यही है BJP का संदेश
नीरज सिन्हा की उम्मीदवारी को लेकर बीजेपी का फोकस उनके संगठनात्मक सफर पर है। पार्टी मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि एक सामान्य कार्यकर्ता को आगे बढ़ाकर उम्मीदवार बनाया गया है।
